पटना विश्वविद्यालय के प्रतिष्ठित बी.एन. कॉलेज के मनोविज्ञान विभाग में 16 अक्टूबर 2026 को “आत्महत्या रोकथाम एवं सकारात्मक मानसिक स्वास्थ्य संवर्धन” विषय पर एक विशेष व्याख्यान का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाना, आत्महत्या की रोकथाम के उपायों पर चर्चा करना तथा समाज में सकारात्मक सोच और संवेदनशीलता को प्रोत्साहित करना था। कार्यक्रम के मुख्य वक्ता काठमांडू विश्वविद्यालय, नेपाल के नेशनल कॉलेज के मनोवैज्ञानिक डॉ. नरेंद्र सिंह ठगुना ने अपने संबोधन में सकारात्मक सोच, मानसिक स्वास्थ्य की देखभाल और समय पर मनोवैज्ञानिक सहयोग को आत्महत्या रोकथाम के लिए महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि मानसिक स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं की समय रहते पहचान और संवेदनशील व्यवहार से अनेक जीवन बचाए जा सकते हैं। डॉ. ठगुना ने बिहार में आत्महत्या की दरों में गिरावट पर संतोष व्यक्त करते हुए व्यापक जन-जागरूकता की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने आत्महत्या के आंकड़ों, प्रारंभिक चेतावनी संकेतों, बचाव के उपायों तथा साइकोलॉजिकल फर्स्ट एड (Psychological First Aid) और आवश्यक प्रशिक्षण के महत्व पर भी प्रकाश डाला। कार्यक्रम का शुभारंभ महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. राजकिशोर प्रसाद द्वारा मुख्य वक्ता डॉ. नरेंद्र सिंह ठगुना एवं पटना विश्वविद्यालय के मनोवैज्ञानिक शोध एवं सेवा संस्थान के निदेशक प्रो. शिव सागर प्रसाद को पुष्पगुच्छ एवं अंगवस्त्र भेंट कर किया गया। अपने स्वागत भाषण में प्राचार्य ने विषय की महत्ता एवं गंभीरता को रेखांकित करते हुए इस दिशा में हरसंभव सहयोग प्रदान करने का आश्वासन दिया। वहीं, प्रो. शिव सागर प्रसाद ने मुख्य वक्ता का परिचय देते हुए बिहार में जागरूकता के प्रसार हेतु उनके उल्लेखनीय प्रयासों की सराहना की। कार्यक्रम का कुशल एवं प्रभावशाली मंच संचालन मनोविज्ञान विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. राजीव कुमार ने किया। अंत में, सहायक प्राध्यापक डॉ. फर्नांडे कुमार ने धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत करते हुए कार्यक्रम को सफल बनाने में योगदान देने वाले सभी अतिथियों, आयोजकों एवं प्रतिभागियों के प्रति आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर मनोविज्ञान विभाग के प्राध्यापकों, शिक्षकेतर कर्मचारियों, विभिन्न विभागों के संकाय सदस्यों एवं छात्र-छात्राओं की गरिमामयी उपस्थिति रही। कार्यक्रम के सफल आयोजन पर प्राचार्य डॉ. राजकिशोर प्रसाद ने विभागाध्यक्ष डॉ. राजीव कुमार एवं उनकी पूरी टीम को बधाई दी। साथ ही, उन्होंने भविष्य में इस विषय पर व्यापक स्तर पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करने का प्रस्ताव मुख्य वक्ता डॉ. नरेंद्र सिंह ठगुना के समक्ष रखा, जिसे उन्होने सहर्ष स्वीकार किया।
Assistant Professor & Head of Department • B.N. College, Patna